क्या बताऊं अपने बारे में ... बस इतना समझ लीजिए की थोड़ा पागल हूँ .. .. जो मन करता है वही करता हूँ ..... ज़मीन से जुड़ा हूँ .. सो ज़मीन की बातें करता हूँ .. छोटी-छोटी चीज़ो में खुशी ढूँढने की कोशिश करता हूँ ... बॉस मैं ओल्ड फेशन्ड .. मिलने की उम्मीद करता हूँ .. बिछड़ने से डरता हूँ .. सपने देखता हूँ .. इससे ज़्यादा मेरे बारे में क्या जानोगे .. दूसरो की फिक्र करता हूँ ..!!
Monday, 11 May 2015
अपनी सोच मैं औरों से जुदा रखता हूँ, लोग मंदिर मस्जिदों में ढूँढ़ते हैं . मैं दिल में ख़ुदा रखता हूँ"
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